25 साल बाद भारत फिर से होगा अंग्रेजों का गुलाम: BJP नेता का दावा, सच या झूठ?

0
929
25 साल बाद भारत फिर से होगा अंग्रेजों का गुलाम BJP नेता का दावा, सच या झूठ

[India not free but on 99-year lease from British: BJP Leader] [Kya Bharat 99 saal ki lease par hai]

भारत में आये दिन अजीबो-गरीब अफवाहें फैलाई जाती है. बीते दिनों ऑनलाइन मीडिया प्लेटफार्म लल्लनटॉप में हुई बहस के बाद एक और अपवाह खूब चर्चा में है. इसी वर्ष हमने भारत की स्वतंत्रता की 75 सालगिरह मनाई है. 25 साल बाद भारत फिर से होगा अंग्रेजों का गुलाम: BJP नेता का दावा, सच या झूठ? क्या भारत 99 साल की लीज पर है?

हम सब बड़े गर्व से कहते है की हमने स्वतंत्र भारत में जन्म लिया है पर क्या हम दोबारा अंग्रेज़ो के गुलामी करेंगे. क्या हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के प्राणों की बलि यू ही व्यर्थ चली जायेगी. आज कल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर #99 years lease ट्रेंड में है. कुछ तथ्यों से हम इस दावे की सच्चाई पर प्रकाश डालने की कोशिश करेंगे.

25 साल बाद भारत फिर से होगा अंग्रेजों का गुलाम: BJP नेता का दावा, सच या झूठ? Click To Tweet

दावा क्या है?

कुछ लोगो/समूहों का यह दावा है की भारत की आज़ादी कुछ 99 सालो की लीज पर मिली है. इस हिसाब से 2046 में हम फिर से ब्रिटिश हुकूमत के अधीन होने वाले हैं. इसके अतिरिक्त यह भी दावे किये जाते हैं कि अंग्रेजी हुकूमत कभी भी ब्रिटिश पार्लियामेंट में प्रस्ताव पारित कर भारत की कमान अपने हाथों में ले सकती है.

इस तरह के और भी कई दावे किये गए हैं जिनका वास्तविकता से दूर दूर तक कोई सरोकार नहीं है. कुछ ऐसे हि दावे के साथ इस बार BJP के युवा नेता भरे-मच से किया. BJP युवा मोर्चा प्रवक्ता रुचि पाठक ने यूथ कांग्रेस प्रवक्ता से बहस के बीच दावा किया कि भारत परमानेंट आजाद नहीं है. क्या भारत 99 साल की लीज पर है?

[India not free but on 99-year lease from British: BJP Leader] [Kya Bharat 99 saal ki lease par hai]

क्या है सच्चाई?

भारत पर ब्रिटिश हुकूमत, क्या आज़ादी के केवल पच्चीससाल बाकी? भारत की किसी भी तरह के लीज में न होने का सबसे बड़ा प्रमाण भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम (Indian Independence Act 1947) में मिलता है. यह अधिनियम यूनाइटेड किंगडम की पार्लियामेंट द्वारा पारित वह विधान है जिसके अनुसार ब्रिटेन शासित भारत का दो भागों (भारत तथा पाकिस्तान) में विभाजन किया गया. यह अधिनियम 4 जुलाई 1947 को ब्रिटिश संसद में पेश हुआ और 18 जुलाई 1947 को स्वीकृत हुआ और 15 अगस्त 1947 को भारत बंट गया.

भारतीय संवैधानिक विकास के क्रम में अनेक विधेयक ब्रिटिश संसद ने पारित किए. लेकिन सन् 1947 का भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम ब्रिटिश संसद द्वारा भारत के लिए अंतिम बिंदु सबसे अत्यधिक महत्वपूर्ण अधिनियम था. भारतीय स्वाधीनता अधिनियम द्वारा भारत ने 200 वर्ष से चल रहा ब्रिटिश शासन से मुक्ति प्राप्त की.

[India not free but on 99-year lease from British: BJP Leader] [Kya Bharat 99 saal ki lease par hai]

Two independent Dominion
भारतीय स्वाधीनता अधिनियम में “दो स्वतंत्र देशों” का जिक्र ”

भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम को बाद में भारत के संविधान के अनुच्छेद 395 और 1956 के पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 221 में निरस्त कर दिया गया. दोनों संविधानों का उद्देश्य नए राज्यों के लिए अधिक स्वतंत्रता लाना था. यद्यपि ब्रिटिश कानून के तहत, नए संविधानों के पास अधिनियम को निरस्त करने का कानूनी अधिकार नहीं था. निरसन का उद्देश्य उन्हें केवल घरेलू कानून पर आधारित स्वतंत्र कानूनी प्रणाली के रूप में स्थापित करना था.

1950 में भारतीय सविधान का निर्माण हुआ और भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम को  निरस्त कर दिया गया. भारतीय सविधान में भी भारत की सम्प्रभुता और स्वतंत्रता के प्रमाण मिलते हैं.

Kya Bharat 99 saal ki lease par hai? Click To Tweet
India not free but on 99-year lease from British?
India not free but on 99-year lease from British?

नियम बनाने की पाबंदी

भारत के 99 साल के लीज पर होने को लेकर लोगों का एक और दावा है की भारत में आज भी ब्रिटिश टाइम के कानून/नियम लागू है. इसका कारण है कि भारत ब्रिटिश सरकार के कोई नियम/अधिनियम/कानूनों में बदलाव न करने को बाध्य है. इस तथ्य की असत्यता का प्रमाण भी Indian Independence Act 1947 में मिलता है.

Free
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947

हलाकि यह भी सच है की भारत में आज भी ऐसे कई कानून हैं जो की अंग्रेज़ो के बनाये गए है. पर इनमे बदलाव न करने का कारण कोई नियंत्रण नहीं बल्कि सांसद में बैठे नेताओ का आलस है. [क्या भारत 99 साल की लीज पर है?]

भारत की महारानी एलिज़ाबेथ?

Elizabeth II
Queen Elizabeth-II

यह तो हम सब जानते हैं कि ब्रिटेन की महारानी का शासन कभी भारत पर था. आज हम पूर्ण रूप से स्वतंत्र राष्ट्र हैं. लेकिन कुछ लोगो के मुताबिक़ ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ को भारत आने के लिए की पासपोर्ट न लगने का कारण उनका भारत पर अधिकार है. बात यह है कि ब्रिटेन के किसी भी नागरिक का पासपोर्ट रानी एलिजाबेथ-ll के नाम पर ही जारी किया जाता है और जिनके नाम पर पासपोर्ट जारी हो उसे खुद पासपोर्ट की क्या जरूरत होगी. आपको बता दे की भारत या किसी भी देश के राष्ट्रपति को भी विदेश यात्रा के लिए किसी पासपोर्ट की जरूर नहीं पड़ती.

[India not free but on 99-year lease from British: BJP Leader] [Kya Bharat 99 saal ki lease par hai]

India not free but on 99-year lease from British: Claim BJP Leader Click To Tweet

सर्वोच्च न्यायालय इंग्लैंड के अधीन

किसी नए तरह के मामले में निर्णय लेने के लिए(जो भारतीय न्यायालय में पहले सुना न गया हो) भारतीय सुप्रीम कोर्ट अंग्रेजी न्यायालय में हुए मामले का सन्दर्भ लेती है क्युकी ब्रिटेन के न्यायालयों को निर्णय/नियमो के लिए आदर्श माना जाता है. इस पर भारतीय सरकार ब्रिटेन के अनुसार कोई निर्णय लेने के लिए बाध्य नहीं है.

कॉमनवेल्थ इच्छा या मजबूरी

लोगो का एक दुसरे तर्क माने तो सारे कॉमनवेल्थ देशों में ब्रिटेन का अधिकार है. तो इस पर भी थोड़ा प्रकाश डालते हैं. दरअसल 1931 में ब्रिटिश कॉमनवेल्थ की स्थापना के बाद से 1949 तक इसके सदस्य गुलाम देश थे. परिवर्तन करके इसे कॉमनवेल्थ ऑफ़ नेशंस बनाने के बाद 1971 के सिंगापुर घोषणा में कहा गया ”राष्ट्रों का राष्ट्रमंडल स्वतंत्र संप्रभु राज्यों का एक स्वैच्छिक संघ है, प्रत्येक देश अपनी नीतियों, परामर्श और अपने लोगों के सामान्य हितों में सहयोग करने और अंतरराष्ट्रीय समझ और विश्व शांति को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार है.”

commonwealth singapore declaration 1971
कॉमनवेल्थ ऑफ़ नेशंस की 1971 की सिंगापुर घोषणा

इसके अलावा भी कई बचकाने दावे करके भारत की संप्रभुता और स्वतंत्रता पर शक पैदा करने की कोशिश की जा रही है. पर यह समझना जरुरी है की किसी भी तथ्य में कितनी सच्चाई है. अन्यथा अधजल गगरी छलकत जाए के और भी उदाहरण हमारे सामने आते रहेंगे. 25 साल बाद भारत फिर से होगा अंग्रेजों का गुलाम: BJP नेता का दावा, सच या झूठ की पूरी जानकारी.

[India not free but on 99-year lease from British: BJP Leader] [Kya Bharat 99 saal ki lease par hai]

25 साल बाद भारत फिर से होगा अंग्रेजों का गुलाम: BJP नेता का दावा, सच या झूठ? Click To Tweet

Author: The Team Rising India

Keywords: 1971 Singapore declaration, 99years lease

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here