“…दोस्तों मेरे परिवार का ख्याल रखना…” और फिर राजीव ने मौत को गले लगा लिया

2
517
दोस्त मेरे पुरे परिवार का ख्याल रखना

राजीव चौधरी, 32 साल का युवा जिसे कुछ बनने की तमन्ना थी, जूनून था किसी ऊँचे पद को पाने का. जहाँ सुशांत सिंह की मौत पर पूरी मीडिया महीनो सच्ची-झूठी कहानियां चलती रही वही भारत में न जाने कितने मासूम छात्रों ने जान दे दी. पर एक छात्र भारतीय मीडिया के लिए तभी महोत्पूर्ण होता यदि वो JNU, BHU या जामिया से जुड़ा होता है शायद यही वजह है की ये इनके किस्से नेशनल टीवी डिबेट का हिस्सा बनने के काबिल नही बन पाते.

"…दोस्तों मेरे परिवार का ख्याल रखना…" और फिर राजीव ने मौत को गले लगा लिया Click To Tweet

योगी आदित्य नाथ के उत्तर प्रदेश के लालगंज क्षेत्र में रहने वाले 32 उम्र के युवा छात्र राजीव चौधरी ने शनिवार शाम फांसी लगाकर जान दे दी. कोरोना के इस समय जब बेरोजगारी हर किसी के लिए एक बड़ी परेशानी बन चुकी है. हमारी सरकार और नेशनल मीडिया को रिया और पाकिस्तान से समय मिले तो ये दिखाए की हमारे देश का युवा, किसान, मजदूर कितना परेशान है. मौत की खबर मिलने के बाद घटना पर पहुंची पुलिस को उसके कमरे से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा था कि जिंदगी से परेशान होकर वह यह कदम उठा रहा है.

योगी आदित्य नाथ के उत्तर प्रदेश के लालगंज क्षेत्र में रहने वाले 32 उम्र के युवा छात्र राजीव चौधरी ने शनिवार शाम फांसी लगाकर जान दे दी. Click To Tweet

आपको बता दें कि राजीव प्रतियोगी परीक्षा कि तैयारी कर रहा था मगर बेरोजगारी का यह दर्दनाक मंजर बाकिओं कि तरह उसे भी अंदर ही अंदर खाए जा रहा था. राजीव अपने दो भाईओं के साथ रहता था पर कुछ दिन पहले ही उसके भाई अपने गांव को चले गए थे और राजीव अकेला हो गया था. वहां पर मौजूद छात्रों से पता चला कि मृतक राजीव ने पीसीएस में चयन न होने पर हताश होकर यह कदम उठाया. उसने पीसीएस की मुख्य परीक्षा पास करने के बाद साक्षात्कार दिया था और अंतिम परिणाम में असफलता मिलने पर बेहद निराश हो गया था.

शनिवार शाम राजीव ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। सूचना पर पुलिस पहुंची तो उसका शव पंखे से लगे फंदे पर लटकता मिला. मौके पर पहुंची पुलिस को छान बिन के बाद घटना स्थल से एक सुसाइड नीति भी मिला जिसमे राजीव ने अपनी मौत कि ज़िम्मेवारी स्वयं ली है. आपको बताते है कि राजीव ने होने सुसाइड मे क्या लिखा.

“पूजनीय पिता जी और माता जी मुझे माफ़ कर देना मै आपका अच्छा बेटा नहीं बन सका. मेरे छोटे भाई बहन मुझे माफ़ करना मै अच्छा भाई भी नहीं बन सका. प्रिये मित्र….. आप लोगों से मेरी अंतिम इच्छा यही है कि आप लोग मेरे पुरे परिवार का अच्छे से ख्याल रखेंगे

20200913 1434246389435026350241036
राजीव का सुसाइड नोट

राजीव चौधरी के आत्महत्या कर लेने से छात्रों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है. वही इस घटना पर कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी दिख रही हैं. सोमवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने राजीव को न्याय दिलाने के लिए ट्वीट करते हुए उन्होंने संविदा भर्ती के प्रस्ताव को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. वहीं, एनएसयूआई के बैनर तले छात्रों ने बघाड़ा डेलीगेसी में कैंडल मार्च भी निकाला.

wp 16001973537177187362669329969668
राजीव के दोस्तों ने कैंडल मार्च निकला (pic – amar ujala)


प्रियंका ने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘इलाहाबाद के प्रतियोगी छात्र की आत्महत्या कान में रुई डाले बैठ यूपी सरकार के लिए एक चेतावनी है. नौकरियों पर लगे ग्रहण से युवा हताश हैं. उनकी आवाज सुनने के बजाय सरकार ने पांच साल संविदा का अपमानजनक फैसला थोप दिया. युवाओं, धैर्य रखिए, इस रोजगार विरोधी सरकार से हम लड़ेंगे.’

प्रियंका गाँधी ने योगी सरकार को लतारते हुए कहा, ‘इलाहाबाद के प्रतियोगी छात्र की आत्महत्या कान में रुई डाले बैठ यूपी सरकार के लिए एक चेतावनी है. Click To Tweet
Priyanka Gandhi 1


उधर, एनएसयूआई के बैनर तले बघाड़ा डेलीगेसी में छात्रों ने राजीव को न्याय दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकाला। एनएसयूआई पूर्वी यूपी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि पीसीएस परीक्षा में स्केलिंग लागू न होने और प्रदेश सरकार की रोजगार को लेकर गलत नीतियों के कारण छात्रों का मनोबल लगातार गिर रहा है और छात्र आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। कैंडल मार्च में जितेश मिश्र, सत्यम कुशवाहा, प्रवीण यादव, अक्षय यादव, गौरव, कोमलाक्ष, अभिषेक द्विवेदी, नैनेश, अश्विनी यादव, आनंद मौर्य, दीपक पटेल आदि शामिल रहे।

जब हमारा नेशनल टीवी मीडिया रिया चक्रवर्ती तो कभी कंगना रानौत पर घंटो समय लाइव डिबेट दिखाता रहता है तो हमे ये खुद से पूछना चाहिए कि यह विषय सच में उतना महोत्पूर्ण है. जहाँ भारत में हर रोज कभी किसान सड़क पर मिलता है तो कभी एक गरीब 1000km पैदल चल कर अपने घर को जाता है. मगर ये एक नेशनल टीवी डिबेट का हिस्सा नहीं बनता है तो आपको और हमे मिल कर सोचना चाहिए की ये किसकी गलती है. कभी सोच कर देखिये की आखिर क्यूँ लगभग सभी चैनल दिन भर किसी एक ही विषय को दिखाते रहते हैं. आप जरा सा सोचेंगे तो पता चलेगा की ये आप सभी के कारन ही यह सभी न्यूज़ चैनेल ऐसा करते क्यूँ की कहीं ना कहीं आप लोगों यह सब देखने में मजा आने लगा है.

जब तक हम अपने आप को और सोच को सही नहीं करेंगे, हर दिन न जाने कितने ही मजदूर, किसान और मासूम विद्यार्थी अपनी जान गवांते रहेंगे और कोई चूं भी नहीं करेगा. होगा तो बस सन्नाटा अपने प्रियजनों को खोने का. Click To Tweet

जब तक हम अपने आप को और सोच को सही नहीं करेंगे, हर दिन न जाने कितने ही मजदूर, किसान और मासूम विद्यार्थी अपनी जान गवांते रहेंगे और कोई चूं भी नहीं करेगा. होगा तो बस सन्नाटा अपने प्रियजनों को खोने का.

"…दोस्तों मेरे परिवार का ख्याल रखना…" और फिर राजीव ने मौत को गले लगा लिया Click To Tweet

Author: The Rising India Team

Keywords: Job, Unemployment, Employment, Rajeev Chowdhary Suicide, Prayagraj, Yogi Government, student protest, candle march, Uttar Pradesh suicide case, Priyanka Gandhi, JNU, Jamia

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here