75वें स्वतंत्रता दिवस, लाल किले से मोदी करेंगे जनता को संबोधित

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75वें स्वतंत्रता दिवस, लाल किले के प्राचीर से मोदी करेंगे जनता को संबोधित

आज समस्त देश आज़ादी के 75 वर्षों का राष्ट्र उत्सव मना रहा है. हम आज़ादी की 75वीं वर्षगांठ का अमृत महोत्सव मना रहे हैं. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब लालकिले की प्राचीर से देश के सवा-अरब नागरिकों को संबोधित करेंगे, तो उन्हें भारत के अलावा दुनियाभर में जहां-जहां भी भारतवंशी बसे हुए हैं, उन्हें सुन रहे होंगे. 75वें स्वतंत्रता दिवस, लाल किले से मोदी करेंगे जनता को संबोधित.

राष्ट्र के इस अमृत महोत्सव पर इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण बेहद खास और एतिहासिक रहने वाला है क्योंकि इस बार के उनके भाषण में, सिर्फ तेज़ी से बदलते भारत और दुनिया में अपनी पहचान गढ़ते भारत का ही ज़िक्र नहीं होगा, बल्कि उनका वो विज़न भी होगा, जिस पथ पर भारत तरक्की की राहों पर बढ़ेगा.

आज़ादी के 75 वर्ष पूरे 

साल 2021, जब देश आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव मना रहा है, प्रधानमंत्री मोदी लगातार 8वीं बार लालकिले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित कर उत्साह बढ़ाने का काम कर रहे. अपने दूसरे शासनकाल के पहले स्वतंत्रता दिवस संबोधन में वो क्या कुछ बोलने वाले हैं, उसकी उत्सुकता देशभर में बनी हुई है. इस वक्त देश कुछ बड़ी चुनौतियों से जूझ रहा है, चुनौतियां भी ऐसी हैं, जिसने देश को आर्थिक और सरहदी मुद्दे पर लगभग संकट की दहलीज़ पर ला खड़ा किया है.

दुनिया आज जिस चुनौती से जूझ रही है, उसकी सबसे ज़्यादा मार झेलने वाले देशों में भारत शीर्ष के कुछ देशों में शामिल रहा. लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री जब राष्ट्र को संबोधित करेंगे, तो भारतवर्ष उन्हें सुन रहा होगा. कोरोना संकट को देखते हुए इस बार भी स्कूली बच्चे लालकिले के प्रांगण में एकत्रित नहीं होंगे. NCC के कैडेट्स के साथ-साथ कोविड नियमों के पालन के साथ देश के तमाम गणमान्य, विभिन्न देशों के राजनायिक और इस बार ओलंपिक्स खेलों में भारत का मान-सम्मान बढ़ाने वाले खिलाड़ी भी शामिल रहेंगे.

सरकार ने इन दो वर्षों में भाजपा और संघ परिवार के दो बड़े एजेंडे कश्मीर से अनुच्छेद-370 की समाप्ति और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू करने का काम किया है. लिहाज़ा अब चर्चा है कि अब बीजेपी के तीसरे बड़े मुद्दे ‘समान नागरिक संहिता’ की बारी है. राजनीतिक पंडितों को लगता है, कि लाल किले की प्राचीर से भले ही प्रधानमंत्री के संबोधन में इसका जिक्र न हो लेकिन इस तरह के संकेत ज़रूर हो सकते हैं, जिससे मौजूदा हालात में राष्ट्रीय एकता और अखंडता की मजबूती की तरफ सरकार कदम बढ़ा सकती है.

PM नरेंद्र मोदी के भाषण यादगार रहे हैं

प्रधानमंत्री मोदी के पुराने स्वतंत्रता दिवस के भाषण भी खासे यादगार रहे हैं. बतौर प्रधानमंत्री, उन्होंने लाल किले की प्राचीर से जब साल-2014 में पहली बार भाषण दिया था, तो वो उनका सबसे लंबा भाषण था. उस दौरान उन्होंने 86 मिनट 10 सेकेंड का भाषण दिया था, जो स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले की प्राचीर से अब तक के किसी भी प्रधानमंत्री का दिया सबसे लंबा भाषण था.

उनसे पहले देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने देश की आज़ादी के वक्त साल-1947 में 72 मिनट लंबा भाषण दिया था. 75वें स्वतंत्रता दिवस, लाल किले से मोदी करेंगे जनता को संबोधित.

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन समेत दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्षों ने प्रधानमंत्री मोदी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी हैं. लालकिले की प्राचीर से लगातार आठवें और अपने दूसरे शासनकाल के तीसरे स्वतंत्रता-दिवस भाषण में वो देश की प्रगति और उससे जुड़े अपने विज़न को भी संबोधन में शामिल कर सकते हैं. देश इस वक्त राष्ट्रभक्ति की भावना में सराबोर है. राष्ट्रपति भवन समेत तमाम बड़ी सरकारी इमारतें रौशनी के तिरंगे में जगमगा उठी हैं.

देश भर में जश्न

देशभर में लोग पूरे जोश के साथ आज़ादी का जश्न मना रहे हैं. दिल्ली से लेकर मुंबई तक. इंडिया गेट से लेकर गेटवे-ऑफ-इंडिया तक तिरंगे की रौशनी में रंग गए हैं. देश भर से जो तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं, उनमें लोग पूरी तरह से देशभक्ति के रंग में रंगे दिखाई दे रहे हैं. वहीं देशभर में सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतज़ाम किये गए हैं.

पिछले कुछ दिनों से देशभर की तमाम सुरक्षा-एजेंसियां हाईलि-एक्टिव मोड में हैं. जगह-जगह पर पूरी सावधानी के साथ निगेबानी की जा रही है. संवेदनशील जगहों पर खास तौर से आने-जाने वाले वाहनों और जहां ज़रूरत लगी वहां लोगों की तलाशियां भी ली गईं. कई महानगरों में युवा देशभक्ति के रंग में रंगे नज़र आए. 75वें स्वतंत्रता दिवस, लाल किले से मोदी करेंगे जनता को संबोधित और लाएंगे नई सौगात.

हालांकि इस वर्ष भी दुनिया कोरोना-खौफ के साए में जीने को मजबूर है, लेकिन उसने भी स्वतंत्रता दिवस के उत्साह में कमी नहीं आने दी है. हां ये ज़रूर है, कि इस जश्न में दरमियां कुछ फासले ज़रूर हैं पर देश के लिये दिलों में धड़कन और जुनून वही है, जो कभी कम नहीं होगा.

 

Author: Team The Rising India

Keywords: 75th Indian Independence Day, PM Narendra Modi, Red Fort

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