संतरा बेचने वाला हुआ पद्मश्री से सम्मानित, मोदी की अच्छी पहल

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संतरा बेचने वाला हुआ पद्मश्री से सम्मानित, मोदी कि अच्छी पहल

संतरा बेचने वाला हुआ पद्मश्री से सम्मानित, मोदी की अच्छी पहल. 8 नवंबर को राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद के कर कमलों द्वारा पद्मश्री से सम्मानित सभी महान लोगो मे से एक नाम, जो हमें विश्वास दिलाता है की समाज के प्रति अभी भी लोगो में जिम्मेदारी का भाव जीवित है. श्री हरेकाला हजब्बा ऐसे ही एक उदाहरण है. आइए जानते हैं कौन है पद्मश्री हरेकाला हजब्बा (Harekala Hajabba) और क्यों मिला इन्हें पद्मश्री का सम्मान. [Orange seller Harekala Hajabba awarded with Padma Shri]

कौन हैं हरेकाला हजब्बा?

मूलरूप से कर्नाटक के रहने वाले 65 वर्षीय हजब्बा को “अक्षर संत” के नाम से भी जाना जाता है. कर्नाटक के न्यूपाडापु गांव में रहने वाले हजब्बा अपना घर चलाने के लिए संतरे बेचने का काम करते हैं. गांव में स्कूल न होने के कारण वो शिक्षा से वंचित ही रहे. [Orange seller Harekala Hajabba awarded with Padma Shri]

कहां से मिली प्रेरणा

अपना खर्च चलाने के लिए संतरे बेचने वाला इंसान कैसे अपने गांव में एक स्कूल का निर्माण करवा सकता है? यह एक प्रेरणादायक और गर्व की बात होंगी एक इंसान के लिए. दरअसल किसी समय पर गांव में आए एक टूरिस्ट कपल ने जब हजब्बा से संतरे खरीदने चाहे, तो पढ़ा लिखा न होने के कारण हजब्बा उनकी बाते समझ नही पाए और ना ही उन्हें संतरे का दाम बता पाए. [Orange seller Harekala Hajabba awarded with Padma Shri]

Orange seller Harekala Hajabba awarded with Padma Shri
Harekala Hajabba, orange seller who got awarded with Padmashri by President Ramnath Kovind

इस बात से उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई की उन्हें बस अपनी स्थानीय भाषा ही आती है जिसके कारण हजब्बा उनकी मदद नहीं कर सके. बस वही दिन था जब हजब्बा ने सोचा की आज मैने जो स्कूल के ना होने के कारण महसूस किया है ऐसा गांव के और किसी बच्चों को ना देखना पड़े. हजब्बा ने धीरे धीरे संतरे बेच कर जमा पूंजी एकत्र की और वर्ष 2000 मे गांव में विद्यालय का निर्माण करवाया. बस जीवन में घटी इस छोटी सी घटना से उन्हें अपनी प्रेरणा मिली.

[Orange seller Harekala Hajabba awarded with Padma Shri]

प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज है सपना

हरेकाला के स्कूल में अभी प्राथमिक लेवल पर ही पढ़ाई होती है. लेकिन भविष्य में उनका सपना अपने गांव में एक प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज का है. जल्द से जल्द गांव में एक प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज खुल सके, इसको लेकर वो लगातार तैयारियां कर रहे हैं.

Harekala Hajabba built school
Harekala Hajabba built school ( Pic- Your Story )

परेशानियों के बीच कैसे लोगो को सामाजिक कार्य के लिए जज्बा मिलता है और कैसे वो अपने लक्ष्य में कामयाब होते हैं इस बात का जीता जागता उदाहरण हैं पद्मश्री हरेकाला हजब्बा. हम उनकी सोच और उनके शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्य के लिए उनका आभार प्रकट करते हैं. पद्मश्री से सम्मानित किए जाने पर उन्हें शुभकामनाएं देते हैं.

साथ ही पद्मश्री से सम्मानित सभी महानुभावों को बहुत बहुत शुभकामनाएं एवं आभार. संतरा बेचने वाला हुआ पद्मश्री से सम्मानित, मोदी की अच्छी पहल. मोदी सरकार ने चयन की प्रक्रिया में सुधार करके इन पुरस्कारों की स्थिति को ऊंचा करने का प्रयास किया. जमीनी स्तर पर अथक परिश्रम करने वाले नियमित लोगों को दिया जाने वाला पुरस्कार अलग और दिल को छू लेने वाला है. ये व्यक्ति अमीर या प्रसिद्ध या शक्तिशाली नहीं हैं; कुछ हाशिए के समूहों से भी संबंधित हैं. वे आम तौर पर अनसुने, अपरिचित और अपने पूरे जीवन और उसके बाद भी अनसुने रहते हैं. यदि वे भाग्यशाली हैं, तो शायद उनके इलाके में बहुत कम लोग उनकी उपलब्धियों के बारे में जानते हैं.

आशा करते हैं आपको श्री हरेकाला के जीवन के बारे में पढ़कर जरूर प्रेरणा मिली होगी.

[Orange seller Harekala Hajabba awarded with Padma Shri]

Author : Team The Rising India

Keywords : HAREKALA HAJABBA, RAMNATH KOVIND, PADMASHREE 2021

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