PNB घोटाले का आरोपी मेहुल चोकसी की बढ़ी मुसीबत, जमानत याचिका खारिज

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Mehul Choksi, under investigation for approx. 13,500 crore bank fraud (Pic - IANS)

पंजाब नेशनल बैंक(PNB Scam) घोटाले का मास्टर माइंड मेहुल चोकसी की जमानत याचिका को डोमेनिका कोर्ट ने खारिज कर दिया है. भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं. जज वायनानते एड्रिन-रॉबर्ट्स ने चोकसी को ‘फ्लाइट रिस्क’ माना है और यही वजह है कि मेहुल चोकसी को जमानत देने से इंकार कर दिया है.

वकीलों ने क्या कुछ दिया दलील

इधर, शनिवार को मेहुल चोकसी के वकीलों ने कोर्ट में दलील दिया है कि एक कैरिकॉम नागरिक के तौर पर मेहुल चोकसी जमानत का हकदार है, क्योंकि जो मामले उस पर दर्ज है उसमें आरोपी को जमानत मिल सकती है. बता दें, कि वकीलों ने जमानत की भी गुहार लगाई, कि मेहुल चोकसी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है. ऐसे में फ्लाइट का जोखिम नहीं लेना चाहिए.

अब सवाल यहां ये भी उठता है कि क्या मेहुल चोकसी तबीयत खराब होने का हवाला दे रहा है या फिर वाकई उसकी तबीयत खराब.है. लगातर मेहुल चोकसी सवालों के घेरे में है. इधर भारत में भी लोग कयास लगा रहें है कि मेहुल चोकसी क्या वाकई डोमेनिका से भारत आएगा.

वकीलों ने आगे कहा, कि इसलिए जमानत राशि लेकर मेहुल को जमानत दे देनी चाहिए. हालांकि राज्य बेल का विरोध कर रहा है. उनका कहना है कि मेहुल चोकसी फ्लाइट रिस्क पर है और इंटरपोल से उसे नोटिस जारी किया गया है. वहीं, राज्य ने जमानत ना देने की गुहार लगाई है.

चोकसी पर क्या है आरोप

भारत का भगौड़ा आरोपी मेहुल चोकसी पर अवैध रूप से डोमिनिका में घुसने का आरोप लगा है. इसी आरोप में डोमेनिका पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद चोकसी ने रोजो मजिस्ट्रेट कोर्ट में जमानत की अर्जी डाली थी, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया. इसके बाद मेहुल ने डोमिनिका हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. लेकिन वहां से भी उसे निराशा हाथ लगी.

इससे पहले मेहुल चोकसी को डोमिनिका की सरकार ने अवैध अप्रवासी घोषित कर दिया था. गौरतलब है कि डोमिनिका कोर्ट में चल रहे केस में सुनवाई के सिलसिले में मेहुल चौकसी के वकील ने कहा था कि, चोकसी ने अवैध रूप से डोमिनिका में इंट्री नहीं की है. ऐसे में वहीं की पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकती, क्योंकि वह अवैध अप्रवासी नहीं है.

वहीं, 23 मई को मेहुल चोकसी एंटीगुआ और बारबुडा में लापता हो गया था. लेकिन वहीं, डोमिनिका सरकार ने उसे अवैध अप्रवासी घोषित कर दिया था.  

जनवरी 2018 में भारत छोड़ने के बाद वो एंटीगुआ में एक नागरिक के तौर पर रह रहा था. इसके बाद डोमिनिका में मेहुल चोकसी को रहने का पता चला और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया..

क्या है पूरा मामला ?

आपको बता दें कि PNB Fraud Case 2018 में सामने आया था. यह घोटाला 13,000 करोड़ रुपये से अधिक का है. इस घोटाले में हीरा व्यापारी नीरव मोदी के अलावा उसकी पत्नी ऐमी, उसका भाई निशाल और मामा मेहुल चोकसी मुख्य अभियुक्त है.

आरोप है कि चोकसी और उसकी कंपनी गीतांजलि जेम्स और अन्य लोगों ने पंजाब नेशनल बैंक के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर धोखे से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LOU) जारी करवाकर और फॉरेन लेटर फॉर क्रेडिट (FLC) बढ़वा लिया और बैंक के पैसे लेकर फरार हो गया. तब से फरार चोकसी भारत नहीं लौटा है.

चोकसी ने सफाई में क्या कहा ?                

गौर करें, कि मेहुल चोकसी ने कहा कि वह भारतीय एजेंसियों से भाग नहीं रहा है. इलाज कराने के लिए देश छोड़ा था. ताकि इलाज सही मिल सके. उसने खुद को कानून का सम्मान करने वाला नागरिक भी बताया है. हैरानी की बात, ये है कि चोकसी ने भारतीय एजेंसियों को इंटरव्यू लेने का आमंत्रण देते हुए कहा कि वह हर सवाल का जवाब देने को तैयार है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 62 वर्षीय कारोबारी ने डोमिनिका हाई कोर्ट में एक हलफनामा दायर करके कहा, ”मैंने भारतीय अथॉरिटीज को मेरा इंटरव्यू लेने और किसी भी जांच को लेकर कोई भी सवाल पूछने के लिए वो तैयार है.

वहीं, ” देश छोड़ने को लेकर मेहुल ने कहा, ”मैं भारतीय एजेंसियों से नहीं भागा. बल्कि, अमेरिका में इलाज कराने के लिए जब मैं देश से निकला तो मेरे खिलाफ कोई वारंट नहीं था”.

अपने बचाव पक्ष में चोकसी लगातार दलील पर दलील दीए जा रहा है. भारत सरकार के सामने एक बड़ी चुनौति है कि क्या मेहुल चोकसी को भारत लाने में कामयाब हो पाएगा या फिर चोकसी भगौड़े की तरह घुमता-फिरता रहेगा. और लगातार तबीयत  को लेकर लोगों के सामने सफाई पेश करता रहेगा. देखने वाली बात ये भी है कि क्या डोमेनिका कोर्ट उसे कब तक ‘फ्लाइट रिस्क’ मान कर केस को खारिज करता रहेगा.

Author: The Rising India Team

Keywords: Mehul Choksi, PNB Scam, Dominica, 13500 Crore bank fraud

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  1. […] केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने शनिवार, 19 जून को कहा कि स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा राशि में वृद्धि भारत में स्थित स्विस बैंक शाखाओं के कारोबार में वृद्धि और अंतर-बैंक लेनदेन में वृद्धि के कारण हो सकती है. भारत सरकार ने स्विस अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे जमा में वृद्धि या कमी के संभावित कारणों पर अपने विचार के साथ प्रासंगिक तथ्य प्रदान करें ताकि तथ्यों को सही परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया जा सके. […]

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