बांग्लादेशी मुसलमानों का आतंक: जलाया हिन्दू घर-मंदिर, 6 हिन्दुओं की हत्या!

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बांग्लादेशी मुसलमानों का आतंक जलाया हिन्दू घर-मंदिर, 6 हिन्दुओं की हत्या!
बांग्लादेशी मुसलमानों का आतंक जलाया हिन्दू घर-मंदिर, 6 हिन्दुओं की हत्या!

अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों एवं भावनाओं को लेकर हो रही राजनीति से हम परिचित है. हम-सब यह जानते है कि कैसे अलग समुदाय के लोगो की जाति धर्म से जुड़ी भावनाओं का फायदा उठा कर राजनितिक पार्टियाँ अपना काम निकालते है. बांग्लादेशी मुसलमानों का आतंक: जलाया हिन्दू घर-मंदिर, 6 हिन्दुओं की हत्या!

 अगर आप भी किसी जाती विशेष के साथ हो रहे अपराधों, दुर्व्यवहारों या विषमताओं को लेकर चिंतित है तो यह लेख आपको और भी ज्यादा सोचने पर मजबूर कर देगा. आइये पढ़ते हैं की कम्युनल वायलेंस एक बार फिर से अपनी सीमाएं कैसे पार कर गया है.

क्या है पूरा मामला?

बांग्लादेश की जनसँख्या में 8% के भागीदारी देने वाले हिन्दू निवासियों पर एक बार फिर से संकट आ पड़ा है. बांग्लादेश में अब तक लगभग 22 जिलों में हिंसा की खबरें आ चुकी है. 6 हिन्दुओं की हत्या हो चुकी है और दर्जनों घायल है. घरों, मंदिरों में आग लगाई जा रही है. हज़ारो की संख्या में हिंसक सड़को पर एकत्रित हो रहे है. स्थिति यह है की इन्हे रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस का सहारा लेना पड़ रहा है. सैकड़ो लोग गिरफ्तार कर लिए गए हैं.

कैसे भड़की हिंसा?

इस हिंसा का मुख्य कारण महज़ एक फेक न्यूज़ का सोशल मीडिया में वायरल होना है. जिसके अनुसार कथित तौर पर रंगपुरा के एक हिन्दू युवक द्वारा “इस्लाम” का अपमान किया गया. जिसे दंड देने के उद्देश्य से उसकी हत्या करने की कोशिश भी की गयी. इस घटना के आक्रोश में लगभग 60 या अधिक हिन्दू घरों, मंदिरों को जला कर नष्ट दिया गया. सबसे अधिक हिंसा की घटनाएं कुमिला, चांदपुर, चट्टोग्राम, कॉक्स बाजार, बंदरबन, मौलवीबाजार, ग़ाज़ीपुर, चपायनवाबगंज और फेनी से आई है. 

 

Bangladeshi Muslim Extremist
Bangladeshi Muslim Extremist

हिंसा की आग यही नहीं रुकी. एक अन्य घटना ने इस आग में हवा का काम किया जिसके अनुसार एक मंदिर में कुरान को हिन्दू देवता की प्रतिमा के पैरो पर रखकर उनका अपमान करने की खबर फैली. फिर क्या था, 10 हज़ार से भी अधिक लोग सड़को पर निकल कर इस घटना के कथित दोषी को फांसी में लटकाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए.

इस धरने में सड़को पर हिंसा फैलाने के साथ बम फेंकने जैसी घटनाएं भी शामिल है. ये लोग राष्ट्रीय राजधानी में स्थित मुख्य मस्जिद के पास एकत्रित होकर धरना देते नज़र आये. प्रदर्शनकारियों  ने “Down with the enemies of the Islam” and “Hang the culprits” के नारे लगाए। 

इस्कॉन में मर्डर और बढ़ती हिंसा

पिछले कुछ दिनों में इन हिंसाकारियो ने कई मंदिरों पर अपना क्रोध दिखाया. जिसकी शुरुआत पिछले हफ्ते हुई.  नोआखली में लगभग 500 लोगो द्वारा एक इस्कॉन टेम्पल में तोड़ फोड़ और श्रद्धालुओं पर हमला करने की खबर भी सामने आई जिसमे एक कार्यकर्ता की हत्या भी कर दी गई. 16 अक्टूबर को फेनी में एक अन्य हिन्दू की लाश बरामद हुई. 

इसके बाद हिंसा की घटनाओ का यह क्रम बढ़ता ही रहा. कुमिल्ला में दुर्गा पूजा पंडाल में तीन लोगो की हत्या कर दी गयी. मंदिरो में तोड़ फोड़ करने और आग लगाने की घटनाएं भी सामने आ रही है अब तक लगभग 60 हिन्दू घरो में तोड़ फोड़ और 20 से अधिक में आग लगाईं जाने की घटना सामने आई है.

हरकत में प्रशासन

हिंसा के भयावह रूप को काबू  करने के उद्देश्य से बांग्लादेश पुलिस ने अब तक सैकड़ो लोगो को हिरासत में ले लिया है. लगभग 80 मुक़दमे दर्ज किये गए हैं. बांग्लादेशी प्रधानमंत्री ने इस घटना के बाद बांग्लादेश के प्रसिद्ध ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर के सदस्यों के साथ वीडियो कॉल में हो रहे एक वार्तालाप में हिंसा के दोषियों पर कड़े कदम लेने का भरोसा दिलाया है.

हिंसा की आलोचना यूनाइटेड नेशन में भी  

अल्पसंख्यकों पर हो रही इस हिंसा ही आलोचना करते हुए यूनाइटेड नेशन के प्रवक्ता ने कहा  “धर्म या विश्वास की स्वतंत्रता एक मानवाधिकार है. दुनिया भर में किसी भी जाति या संप्रदाय के व्यक्ति को महत्वपूर्ण पर्व मनाने के लिए सुरक्षित और समर्थित महसूस करना आवश्यक है”. बांग्लादेशी हिन्दू समिति के सदस्य प्रणेश हालदार ने भी प्रशासन से बांग्लादेशी हिंदुओं का संरक्षण करने का अनुरोध किया है 

हिंसा के खिलाफ धरना 

Protest against voilence against Hindus in Bangladesh
Protest against voilence against Hindus in Bangladesh

रविवार को बांग्लादेशी हिन्दू सभा ने हिन्दुओ पर हो रही हिंसा के विरोध में जमकर धरना दिया. हिन्दू
पैक्ट के अध्यक्ष उत्सव चक्रवर्ती ने इस हिंसा के विरोध में दिए गए अपने भाषण में कहा “यह विशेष रूप से भयानक है कि नोआखली में अंतिम शेष हिंदुओं पर इस तरह से हमला किया जा रहा है, 75 साल बाद इस्लामवादियों ने पाकिस्तान के निर्माण की मांग की, 12,000 हिंदुओं को मार डाला और अक्टूबर 1946 में 50,000 को जबरन इस्लाम में परिवर्तित कर दिया”

तालिबान कनेक्शन

वेस्ट बंगाल से बीजेपी के दिलीप घोष और अन्य बीजेपी लीडर्स ने मंगलवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना देकर अपना आक्रोश प्रकट किया। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में उन्होंने कहा “अफ़ग़ानिस्तान में वर्तमान में चल रही परिस्थितियों से आतंकवादियों का बल बढ़ा है जिसका प्रभाव बांग्लादेश में भी पड़ा है जिसके परिणाम स्वरुप बांग्लादेशी हिन्दुओ पर हिंसा की अत्यधिक घटनाएं देखने को मिल रही हैं” 

सूत्रों की मानें तो यह बांग्लादेशी इस्लामिक एक्सट्रेमिस्ट ग्रुप का दोनों संप्रदायों के लोगों के बीच विवाद उत्पन्न करने का प्रयास भी हो सकता है जिसकी जांच चल रही है. 

बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हमले का इतिहास

बांग्लादेशी मुसलमानों का आतंक: जलाया हिन्दू घर-मंदिर, 6 हिन्दुओं की हत्या! बांग्लादेश में हिन्दू पर हमले कोई नई बात नहीं है. साल 1990-2000 तक में हर साल हिन्दू विरोधी हिंसा हुई है. 2013 से अब तक हिन्दुओ पर लगभग 3679 हमले हो चुके है. जिसमे 1000 से अधिक घरों/दुकानों को आग से ध्वस्त करना शामिल है. इसी दौरान कम से कम 1678 मंदिरो में तोड़ फोड़ की घटनाएं सामने आई है जिनमे 10 से अधिक लोगो की जाने गयी और 900 से अधिक लोग जख्मी हुए.

2014 में महिलाओं के साथ दुराचार और 2016-2020 के बीच 10 हिन्दू परिवारों को बेघर करना भी शामिल है. दो संप्रदाय विशेष में फुट डाल शासन करने की नीति सदियों से चली आ रही है. इस तरह के सांप्रदायिक दंगों को पूर्ण विराम लगाना जरूरी तो है पर क्या संभव भी है. 

 

Author: Team The Rising India

Keywords: Dhaka, Hang the culprits, Taliban, United Nation, Bangladeshi Hindu Committee

1 COMMENT

  1. […] बांग्लादेश पुलिस ने हिंसा की तब्दीश पर अपडेट देते हुए बताया की उन्होंने उस व्यक्ति की पहचान कर ली है जिसने कॉमिला के पंडाल में हिन्दू देवता के पैरो (हनुमान जी की गोद ) पर कुरान रख कर हिन्दुओ द्वारा इस्लाम का अपमान होने का भ्रम फैलाया. जिसके परिणाम स्वरुप देश में सम्प्रदायिक दंगे भड़के, हिन्दुओं की हत्या हुई. घर और मंदिर जले और दोनों संप्रदायों के लोगो में अविश्वास की भावना भी पनपी. हिन्दुओं पर हुई हिंसा का ‘मास्टरमाइंड’ आया सामने, जल्द होगा गिरफ्तार. […]

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